कार्यालय आयुक्त आदिम जाति विकास में विभिन्न पदों की वरिष्ठता सूची

1★सहायक संचालक एवं समकक्ष पद की वरिष्ठता सूची का प्रकाशन (दिनांक 01.04.2016 की स्थिति में अंतिम)
2★सहायक संचालक एवं समकक्ष पद की वरिष्ठता सूची का प्रकाशन (दिनांक 01.04.2016 की स्थिति में अंतिम)
3★ अपर संचालक,सहायक आयुक्त ,अनुसंधान अधिकारी,सहायक नियोजन,सांख्यिकी अधिकारी पद की प्रावधिक एवं अंतिम वरिष्ठता सूची
4★सहायक अनुसंधान अधिकारी/नियोजन अधिकारी/सांख्यिकी अधिकारी एवम समकक्ष पद की अंतिम वरिष्ठता सूची









राज्य अनुसूचित जाति आयोग:-

राज्य में अनुसूचित जातियों के हित संवर्धन के लिए यह आयोग गठित किया गया है। वर्तमान में आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के द्वारा स्वेच्छिक त्यागपत्र दिए गए हैं । वर्तमान में श्री एच. के एस. उइके ,सचिव के पद पर पदस्थ हैं।




राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग:-

छत्तीसगढ़ राज्य में पिछड़ा वर्ग की समस्याओं की पहचान एवं हित संरक्ष्रण हेतु इस आयोग का गठन किया गया है। वर्तमान में आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के द्वारा स्वेच्छिक त्यागपत्र दिए गए हैं । वर्तमान में श्री एन आर कुर्रे ,सचिव के पद पर पदस्थ हैं।




छत्तीसगढ़ राज्य अल्प संख्यक आयोग:-

छत्तीसगढ़ शासन आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मंत्रालय के आदेश क्रमांक डी-1932/2717/आ.जा.क्रं -/2001, रायपुर दिनांक 12.07.2001 द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य अल्प संख्यक आयोग का गठन 12 जुलाई 2001 से किया गया है। आयोग के वर्तमान अध्‍यक्ष हाजी इनायत अली हैं।




हज कमेटी:-

राज्य शासन द्वारा हज कमेटी का गठन छत्तीसगढ़ शासन के अधिसूचना क्रमांक-डी-1921/223/आजाक/2001, रायपुर, दिनांक 5.7.2001 द्वारा किया गया। कमेटी के अध्यक्ष माननीय डॉ. सलीम राज हैं।




वक्फ बोर्ड:-

राज्य शासन द्वारा वक्फ संप‍‍‍‍त्त‍ियों की देख-रेख तथा संरक्षण हेतु वक्‍फ बोर्ड का गठन कि‍या हैं। वर्तमान में बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री मो. सलीम असर्फी हैं।




राज्य उर्दू अकादमी:-

राज्य मे उर्दू साहित्य के प्रोत्साहन संरक्षण साहित्य के प्रकाशन सहित्य सम्मेलन परिचर्चा गोष्ठियो के आयोजन हेतु अधिसूचना दिनांक 01.10.2003 द्वारा उर्दू अकादमी का गठन किया गया। आकादमी में एक अध्यक्ष उपाध्यक्ष तथा 12 अन्य सदस्यों के मनोनयन का प्रावधान है। वर्तमान में सचिव श्री सय्यद अकबर अली हाशमी हैं।




आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशि‍क्षण संस्थान:-

राज्य शासन के आदेश दिनांक 12.05.2004 द्वारा छत्तीसगढ़ में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर का गठन किया गया। इस संस्थान के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:-

  1. राज्य के आदिवासियों की सामाजिक, सांस्कृति, आर्थिक स्थिति एवं इनकी समस्याओं का अध्ययन करना।
  2. अनुसूचित जनजातियों के विकास हेतु संचालित योजनाओं का मूल्यांकन करना।
  3. आदिवासी संस्कृति का संरक्षण।
  4. जाति प्रमाण पत्र जारीकर्ता अधिकारियों एवं अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थ विभिन्न विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण देना।
  5. गलत/फर्जी जाति प्रमाण पत्रों की जांच करना।

गतिविधियों एवं उपलब्धि का विवरण निम्नानुसार है:-

क्रमांकगतिविधियाँउपलब्धि
1अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण।विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर, का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण। कमार, बैगा तथा पहाड़ी कोरवा का सर्वेक्षण जारी है।
2अनुसूचित जाति का सर्वेक्षण।राज्य के सफाई कामगार परिवारों (9996) का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण। प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है।
3अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक, सांस्कृतिक अनुसंधान।विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर, कमार एवं बैगा का सामाजिक, सांस्कृतिक अनुसंधान कार्य किया जा रहा है।
4प्रशि‍क्षण कार्य।वर्ष 2005-06 में जाति प्रमाण- पत्र जारी करने वाले अधिकारियों के लिए 3 दिवसीय 6 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किये जाकर 93 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
5जाति प्रमाण-पत्रों की जांच।217 पंजीकृत प्रकरणों में से 44 प्रकरणों में जांच कार्य पूर्ण। शेष प्रकरणों में जांच प्रक्रियाधीन है।

विजिलेन्स सेल:-
जाति प्रमाण पत्रों की छानबीन हेतु आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के अधीन विजिलेन्स सेल का गठन किया गया है।




छत्तीसगढ़ राज्य अन्त्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम:-

छत्तीसगढ़ राज्य अन्त्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम, रायपुर का गठन मध्यप्रदेश सहाकारी सोसायटी (पुनर्गठन और निर्माण) अध्यादेश क्रमांक-2000 (मध्यप्रदेश अध्यादेश क्रमांक-04 सन्-2000) के अन्तर्गत किया गया है। यह निगम अनुसूचित जाति वर्ग के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग तथा सभी वर्गों के विकलांगों के आर्थिक विकास के दायित्व का निर्वहन कर रहा है। राज्य शासन द्वारा प्रदेश के युवा बेरोजगारों को प्रशिक्षण हेतु उद्यमी विकास संस्थान की समस्त इकाई एवं प्रशिक्षण सह-उत्पादन केन्द्रों का विलय इस निगम में कर दिया गया है। इस निगम की पूंजी का 51 प्रतिशत राज्य की अंशपूंजी हिस्सा एवं 49 प्रतिशत केन्द्रीय अंशपूंजी हिस्सा है। निगम द्वारा छ.ग. राज्य के निर्धारित मापदण्ड में आने वाले हितग्राही क्रमश: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, विकलांग वर्ग, अल्पसंख्यक व सफाई कामगार वर्ग के आर्थिक उत्थान में वित्तीय ऋण सहायता निर्धारित प्रक्रिया के अन्तर्गत दी जाती है।

छत्तीसगढ़ राज्य अन्त्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम की योजनाऐं एवं प्रगति विवरण 2009-10