योजनाओं के लक्ष्य/उपलब्धियां

1नर्सिंग पाठयक्रम में निःशुल्क अध्ययन सुविधा योजना
2हास्पिटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट प्रशिक्षण
3निःशुल्क वाहन चालक प्रशिक्षण योजना
4आदिवासी संस्कृति का परिरक्षण एवं विकास योजनांतर्गत देवगुड़ी निर्माण/मरम्मत
5आदिवासी संस्कृति का परिरक्षण एवं विकास योजनांतर्गत आदिवासी सांस्कृतिक दलों को सहायता
6रविदास चर्मशिल्प योजना
7शहीद वीरनारायण सिंह लोक कला महोत्सव
8गुरू घासीदास लोक कला महोत्सव
9शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान पुरस्कार
10स्व0 डाॅ0 भंवर सिंह पोर्ते स्मृति आदिवासी सेवा सम्मान पुरस्कार
11गुरू घासीदास सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान सम्मान पुरस्कार
12डाॅ0 भीमराव अंबेडकर जयंती योजना
13पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति
14 छात्रावास एवं आश्रम अंतर्गत संचालित योजनाएं
15 अशासकीय संस्थाओं को अनुदान
16 परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र
17 विशिष्ट शैक्षणिक संस्थायें
18 क्रीड़ा परिसर
19 प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र
20 नागरिक अधिकार एवं संरक्षण प्रकोष्ठ
21 एकलव्य
22 प्राधिकरण
23 एकलव्य, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति उत्कर्ष योजना, विज्ञान विकास केंद्र, प्रयास
24 आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति प्री0 मेडिकल तथा प्री0 इन्जीनियरिंग परीक्षा पूर्व(कोचिंग) योजना



नर्सिंग पाठयक्रम में निःशुल्क अध्ययन सुविधा योजना

यह योजना वर्ष 2009-10 से प्रारंभ की गयी हैं । योजना अंतर्गत प्रतिवर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 155 एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 245 इस प्रकार कुल 400 विद्यार्थियों को नर्सिंग पाठ्यक्रम में निःशुल्क अध्ययन सुविधा दिये जाने का लक्ष्य हैं । वर्ष 2017-18 में योजनांतर्गत अनुसूचित जाति मद में राशि रू0 460.00 लाख तथा अनुसूचित जनजाति मद में राशि रू0 759.00 लाख का बजट प्रावधान है। योजनांतर्गत योजना प्रारंभ से अब तक लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या निम्नानुसार हैं:-

क्रमांकवर्षवर्गवार विद्यार्थियों की संख्या
योग
--अनुसूचित जातिअनुसूचित जनजाति

12009-10102115217
22010-11155244399
32011-12155245400
42012-13155245400
52013-1486136222
62014-15128214342
72015-1684161245
82016-1788122210
Total95314822435

जिलों से प्राप्त जानकारी अनुसार अनुसूचित जाति वर्ग के 199 तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के 292 इस प्रकार कुल 491 अभ्यर्थी शासकीय अथवा निजी स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत् है।:-



हास्पिटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट प्रशिक्षण:-

राज्य शासन द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग की छात्र/छात्राओं को एयर होस्टेस, एविएशन, हाॅस्पिटालिटी तथा होटल मैनेजमेंट डिप्लोमा प्रशिक्षण योजना वर्ष 2006-07 से प्रारंभ की गयी है। वर्ष 2013-14 में योजना में संशोधन किया गया हैं, जिसके तहत् ‘‘हाॅस्पिटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट’’ में डिप्लोमा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। योजनांतर्गत वर्ष 2017-18 में अनुसूचित जाति मद में राशि रू0 53.00 लाख तथा अनुसूचित जनजाति मद में राशि रू0 53.00 लाख का बजट प्रावधान है। योजनांतर्गत वर्ष 2013-14 से वर्ष 2017-18 तक लाभान्वित प्रशिक्षणार्थियों की संख्या निम्नानुसार हैं:-

क्रमांकवर्षवर्गवार विद्यार्थियों की संख्या
योग
--अनुसूचित जातिअनुसूचित जनजाति

12013-14101020
22014-15431760
32015-16000
42016-17495099
52017-18512576
Total153102255

प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षार्थियों में से कुल 108 अभ्यर्थियों को जाब प्लेसमेंट दिया जा चुका है।




निःशुल्क वाहन चालक प्रशिक्षण योजना:-

योजनांतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कक्षा 8वीं उत्तीर्ण गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों को वाहन चालक का निःशुल्क प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार उपलब्ध कराने हेतु यह योजना वर्ष 2008-09 से प्रारंभ की गयी है। वर्ष 2017-18 में योजनांतर्गत अनुसूचित जाति मद में राशि रू0 10.00 लाख तथा अनुसूचित जनजाति मद में राशि रू0 10.00 लाख का बजट प्रावधान है। उपरोक्त बजट प्रावधान से अनुसूचित जाति वर्ग के 66 तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के 66 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिलाये जाने का लक्ष्य है। योजनांतर्गत अब तक लाभान्वित अभ्यर्थियों की संख्या निम्नानुसार हैं:-

क्रमांकवर्षवर्गवार विद्यार्थियों की संख्या
योग
--अनुसूचित जातिअनुसूचित जनजाति

12009-10110158268
22010-11133200333
32011-12133300433
42012-13155345500
52013-14333366
62014-15060612
72015-16333366
82016-176666132
92017-186666132
Total73512071942



आदिवासी संस्कृति का परिरक्षण एवं विकास योजनांतर्गत देवगुड़ी निर्माण/मरम्मत:-

आदिवासी सांस्कृति का परिरक्षण एवं विकास योजनांतर्गत आदिवासी बाहूल्य क्षेत्रों में आदिवासियों के पूजा एवं श्रद्धा स्थलों (देवगुड़ी) के निर्माण एवं मरम्मत योजना वर्ष 2006-07 से संचालित हैं। योजनांतर्गत देवगुड़ी निर्माण/ मरम्मत हेतु वर्ष 2017-18 से प्रति देवगुड़ी राशि रू0 1,00000/- रूपये उपलब्ध करायी जाती हैं। योजनांतर्गत विगत वर्षो से वर्ष 2017-18 तक देवगुड़ी निर्माण/मरम्मत हेतु निम्नानुसार आबंटन जिलों को उपलब्ध कराया जा चुका हैं:-

क्रमांकवर्षदेवगुड़ी की संख्या प्रदत्त राशि(लाखों में)
12012-13732366.00
22013-14750375.00
32014-15600300.00
42015-16565282.50
52016-17600210.00
62017-18400400.00



आदिवासी संस्कृति का परिरक्षण एवं विकास योजनांतर्गत आदिवासी सांस्कृतिक दलों को सहायता:-

आदिवासी संस्कृति का परिरक्षण एवं विकास योजनांतर्गत आदिवासियों को सांस्कृतिक वाद्य यंत्र क्रय करने हेतु अनुदान स्वरूप प्रति दल राशि रू0 10,000/- दिये जाने का प्रावधान है। योजनांतर्गत विगत वर्षो से वर्ष 2017-18 तक आदिवासी संस्कृतिक दलों के सहायता वैयक्तिक अनुदान हेतु जिलों को निम्नानुसार राशि उपलब्ध कराया गया है:-

क्रमांकवर्षसांस्कृतिक दलों की संख्या प्रदत्त राशि(लाखों में)
12010-1150050.00
22011-1274089.00
32012-1373573.50
42013-1473573.50
52014-1573073.00
62015-1673073.67
72016-1773073.00
82017-1873073.00
-Total5630578.67



रविदास चर्मशिल्प योजना:-

प्रदेश के चर्म सिलाई के व्यवसाय में लगे लोगो को वित्तीय सहायता प्रदान करने की दृष्टि से वर्ष 2008-09 में रविदास चर्मशिल्प योजना प्रारंभ की गयी है। इसके तहत् अनुसूचित जाति के हितग्राहियों को मोची पेटी औजार सहित निःशुल्क प्रदान की जाती है। योजनांतर्गत योजना प्रारंभ से वित्तीय वर्ष 2017-18 तक कुल राशि रू0 243.00 लाख आबंटन जिलों को उपलब्ध कराया गया है। जिलों द्वारा निविदा आमंत्रित कर मोची पेटी औजार सहित क्रय कर लगभग 4850 हितगा्रहियों को वितरण किया जा चुका है।




शहीद वीरनारायण सिंह लोक कला महोत्सव:-

शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति में उनके शहादत दिवस 10 दिसम्बर को शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव का आयोजन प्रतिवर्ष उनके जन्म स्थान सोनाखान भवन जिला बलौदा बाजार में किया जाता है । इसके अंतर्गत आदिवासियों की लोक नृत्य प्रतियोगिता राज्य स्तर पर आयोजित की जाती है।

➣ प्रतियोगिता में सम्मिलित आदिवासी लोक कला दल को प्रथम पुरस्कार राशि रू0 1.00 लाख ,द्वितीय पुरस्कार राशि रू0 0.50 लाख तथा तृतीय पुरस्कार राशि 0.25 लाख दिया जाता है।

➣ उपर्युक्त महोत्सव का उद्देश्य शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत को चिरस्मरणीय बनाना तथा आदिवासी लोक कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करना है।

➣ वर्ष 2017-18 में योजनांतर्गत राशि रू0 90.00 लाख का बजट प्रावधान हैं।

➣ राज्य स्तरीय लोक कला महोत्सव का आयोजन जिला रायपुर में 10 एवं 11 दिसम्बर 2017 को किया सम्पन्न कराया गया है।




गुरू घासीदास लोक कला महोत्सव:-

वित्तीय वर्ष 2007-08 से ‘‘गुरूघासीदास लोक कला महोत्सव’’ का आयोजन किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति के परम्परागत लोककला जैसे -पंथी, भरथरी, पंडवानी, पारम्परिक वाद्ययंत्रों को प्रोत्साहित किया जाना है।

➣ इस योजना के अंतर्गत चयनित प्रथम पुरस्कार राशि रू0 1.00 लाख द्वितीय राशि रू0 0.75 लाख तथा तृतीय पुरस्कार राशि रू0 0.50 लाख पुरस्कार दिये जाते है। गुरूघासी दास लोक कला महोत्सव अंतर्गत जिला स्तर से चयनित लोक कला दलों को राज्य के किसी भी जिले में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजन कर पुरस्कृत किया जाता है।

➣ वर्ष 2017-18 में योजनांतर्गत राशि रू0 30.00 लाख का बजट प्रावधान हैं। वर्ष 2017-18 में राज्य स्तरीय लोक कला महोत्सव का आयोजन जिला जांजगीर चांपा में किया जाना प्रस्तावित हैं।




शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान पुरस्कार:-

छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासी सामाजिक चेतना जागृत करने तथा उनके उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले व्यक्ति को पुरस्कृत किया जाता है। पुरस्कार राशि रू0 2.00 लाख एवं प्रशस्ति पत्र राज्योत्सव पर प्रत्येक वर्ष दिया जाता है।

वर्ष 2017-18 में श्री घनश्याम सिंह ठाकुर ग्राम तेन्दूभाठा पोस्ट केशतरा तहसील साजा जिला बेमेतरा छत्तीगसगढ़ को पुरस्कार दिया गया है।:-



स्व0 डाॅ0 भंवर सिंह पोर्ते स्मृति आदिवासी सेवा सम्मान पुरस्कार:-

छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासियों की सेवा करने और उनके उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले किसी एक संस्था को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाता है। पुरस्कार राशि रू0 2.00 लाख एवं प्रशस्ति पत्र राज्योत्सव पर प्रत्येक वर्ष दिया जाता है।

वर्ष 2017-18 में बहुद्देशीय जनजागरण सेवा समिति 53-एफ सेक्टर रिसाली भिलाई जिला दुर्ग छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया गया है।



गुरू घासीदास सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान सम्मान पुरस्कार:-

छत्तीसगढ़ राज्य में सामाजिक चेतना जागृत करने तथा अनुसूचित जाति वर्गो के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले व्यक्ति एवं स्वैच्छिक संस्थाओं को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित करने के लिये प्रदेश के महान संत गुरूघासीदास की स्मृति में सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाता है। पुरस्कार राशि रू0 2.00 लाख एवं प्रशस्ति पत्र राज्योत्सव पर प्रत्येक वर्ष दिया जाता है।

वर्ष 2017-18 में संत भक्ति पंथी कल्याण समिति ग्राम हथनीकला पोस्ट धरमपुरा तहसील पथरिया जिला मुंगेली छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया गया है।



डाॅ0 भीमराव अंबेडकर जयंती योजना:-

वर्ष 2017-18 में योजनांतर्गत राशि रू0 25.00 लाख का बजट प्रावधान है। विभागीय स्तर पर 14 अप्रैल 2017 को जिला राजनादगांव में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।




पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति:-

पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति

प्रदेश में अनुसूचित जाति/जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के दौरान आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना शासन द्वारा संचालित की जा रही है। छात्रवृत्ति का समय पर स्वीकृति एवं भुगतान सुनिश्चित करने एवं इसके माॅनीटरिंग करने में विभाग को अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था, इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों एवं पालकों को समय पर एवं सही छात्रवृत्ति न मिलने की शिकायतें आती रहती थी। उपरोक्त समस्याओं के निराकरण हेतु वर्ष 2012-13 से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पूरी प्रक्रिया का कम्प्यूटराइजेशन किया जाकर आनलाईन आवेदन एवं स्वीकृति की व्यवस्था के माध्यम से छात्रवृत्ति योजना को पारदर्शी बनाया गया है। इस हेतु विभागीय वेबसाइट ;ूूूण्उचेबण्उचण्दपबण्पदद्ध तैयार किया गया है जिसमें विद्यार्थियों द्वारा आनलाइन आवेदन करके बायोडाटा की प्रविष्टि एक बार करने के पश्चात् उसे पूरे अध्ययनकाल मे छात्रवृत्ति प्राप्त होती रहेगी और प्रतिवर्ष नये आवेदन प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को ‘शिक्षा संगी कार्ड‘ आबंटित किए गए थे। उक्त कार्ड में छात्रवृत्ति की राशि जमा होने की सूचना विद्यार्थियों को मोबाईल पर ैडै से दी जाती थी। उक्त कार्ड का वितरण शिक्षा-सत्र 2012-13 से 2014-15 तक किया गया था। उक्त कार्ड की आधार नंबर से सीडिंग संभव नहीं होने के कारण पर वर्ष 2015-16 से सभी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति उनके बैंक एकाउंट में ही स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2013-14 में लगभग 4.21 लाख विद्यार्थियों को लगभग राशि रू. 182.18 करोड़ की छात्रवृत्ति का वितरण किया गया है। वर्ष 2014-15 में 4.73 लाख विद्यार्थियों को लगभग 199.90 करोड़ की छात्रवृत्ति का वितरण किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 10.03.2015 के द्वारा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अंतर्गत वर्ष 2015-16 से कक्षा 11वीं एवं 12वीं की छात्रवृत्ति का संचालन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाना है। कक्षा 12वीं से उच्चतर कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों हेतु छात्रवृत्ति संचालन का कार्य पूर्व की भांति विभाग द्वारा किया जा रहा है। व विगत तीन वर्षों के छात्रवृत्ति स्वीकृति एवं भुगतान का विवरण निम्नानुसार है:-

SC Post Matric scholarship
ST Post Matric scholarshipOBC Post Matric scholarship
yearstudent
amount(In Lakh's)
student amount(In Lakh's)student amount(In Lakh's)
2013-14804764525.00 124419
5644.00
216814 8049.00
2014-15889654933.79 1365426215.79247861
-
8820.48
2015-16871445038.641277296203.10246443
-
9283.00

छात्रावास एवं आश्रम :-

1. छात्रावास एवं आश्रम:- अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को अध्ययन के दौरान निःशुल्क आवासीय तथा मेस सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टि से राज्य में 3273 छात्रावास एवं आश्रम संचालित हैं। जहां 191983 से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभांवित किया जा रहा हैं। वर्ष 2017-18 से छात्रावास/आश्रमों में निवासरत् छात्र-छात्राओं को देय शिष्यवृत्ति की राशि में वृद्धि करते हुए प्रति माह प्रति छात्र रूपये 850/- से बढ़ाकर रूपये 900/- आॅन लाईन के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा हैं।


2. छात्र भोजन सहाय योजना:- छात्रावासी विद्यार्थियों के बढ़ते उम्र के अनुरूप संतुलित शारीरिक व मानसिक विकास हेतु अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए विशेष पोषण आहार के लिए अतिरिक्त राशि प्रदाय करने के लिये छात्र भोजन सहाय योजना वर्ष 2005-06 से प्रारंभ की गई हैं। इसके अन्तर्गत वर्ष 2015-16 में योजना की राशि में वृद्धि करते हुए प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह रूपये 400/- के स्थान पर 500/- रूपये उपलब्ध कराया जा रहा हैं।

3. छात्रावासी विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षण केन्द्र (कोचिंग) योजना:- दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में विज्ञान एवं गणित जैसे विषयों के शिक्षको का आभाव बना रहता है। जिसके कारण छात्रावास आश्रमों में निवासरत विद्यार्थी इन विषयों में कमजोर रह जाते है। इस योजना के द्वारा निदानात्मक एवं उपचारात्मक विशेष शिक्षण के माध्यम से गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, वाणिज्य विषयो से संबंधित कमजोरी को दूर करने की सुविधा प्रदान की जाति है। जिससे छात्र-छात्राआंे के परीक्षा परीणाम मे गुणात्मक सुधार के साथ वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने योग्य बन सकें।


4. स्वस्थ-तन स्वस्थ-मन (स्वास्थय सुरक्षा योजना):- इस योजना अन्तर्गत विभागीय छात्रावास एवं आश्रमों में निवासरत् छात्र/छात्राओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हेतु यह योजना वर्ष 2007-08 से लागु हैं। इसके अन्तर्गत अनुबंधित निजी चिक्तिसकों द्वारा माह में दो बार विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता हैं।




अशासकीय संस्थाओं को अनुदान

संपूर्ण छत्तीसगढ़ के 16 जिलों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विकास के लिये कार्यरत अशासकीय संस्थाओं(पंजीकृत) को योजनांतर्गत अनुदान सहायता दिया जाता है। छात्रावास,औषधालय,बालवाड़ी,स्वास्थ्य केन्द्र,उचित मूल्य दुकान,अस्पृश्यता निवारण केन्द्र के लिए अनुदान प्रावधान है। वर्ष 2016-17 में इस योजनांतर्गत राशि 1445.96 लाख का आवंटन जारी किया गया है।

अनुदान प्राप्त अशासकीय संस्थाओं द्वारा संचालित 33 संस्थाओं का विवरण

1छात्रावास 35
2उचित मूल्य की दुकान07
3स्वास्थ्य केन्द्र 03
4आरोग्य सेवा केन्द्र06
5अस्पृश्यता निवारण केन्द्र 03
6बालवाड़ी 27
7औषधालय10
योग 91

अशासकीय संस्थाओं द्वारा संचालित प्रवृत्तियां जिलावार एवं संस्थावार वर्ष 2017-18

समिति का नाम जिला संचालित प्रवृत्तियों की संख्या
छात्रावास बालवाड़ी औषधालय अन्य
सनातन संत समाज गहिरा सामरवार जशपुरबलरामपुर2---
बलरामपुर2---
रायगढ़ 5---
जशपुर5---
म0प्र0 वनवासी सेवा मंडल मंडलासरगुजा111-
बलरामपुर222-
सूरजपुर 2---
कोरिया 111-
बिलासपुर 2---
जशपुर 331-
कबीरधाम 1---
सर्वोदय समितिसूरजपुर-22-
दीनदयाल वनवासी सेवा समिति मुगेली बिलासपुरकबीरधाम1---
मुंगेली 1---
आर्य विद्यासभा सलखियारायगढ़1---
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रमजशपुर5-1 धर्मार्थ-
रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर नारायणपुर--1 6 उचित मूल्य दुकान
रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था विवेकानंद इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एण्ड सर्विस(विश्वास) नारायणपुर--- 03 स्वास्थ्य केन्द्र 01 उचित मूल्य दुकान
माता रूक्मिणी सेवा संस्थान डिमरापालबस्तर 111-
नारायणपुर -1-01 आरोग्य केन्द्र
कांकेर -1-01 आरोग्य केन्द्र
दंतेवाड़ा -1-01 आरोग्य केन्द्र
सुकमा -1-01 आरोग्य केन्द्र
बीजापुर -1-01 आरोग्य केन्द्र
रामकृष्ण शारदा सेवा आश्रम धरमपुराबस्तर--1-
महात्मा गांधी महिला एवं बाल कल्याण संस्थानबस्तर-10--
हरिजन सेवक संघ रायपुररायपुर 41-01 अ.नि. केन्द्र
रायगढ़ ---02 अ.नि. केन्द्र
बिलासपुर 11--
मुंगेली 1---

महायोग

35

27

10

19

परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र

विभाग के तत्वधान में भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक चयन हेतु प्रशिक्षित करने के लिये प्रदेश स्तर पर अखिल भारतीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र रायपुर में संचालित है। इस केंद्र में छात्रावास के सुविधा के साथ पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। राज्य स्तरीय सिविल सेवाओं में अनुसूचित जाति तथा जनजाति के बालक एवं बालिकाओं को चयन के लिये तैयार करने, रायपुर, जगदलपुर एवं बिलासपुर में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र चलाये जा रहे हैं। प्रशिक्षण अवधि में प्रति प्रशिक्ष्णार्थी को 350/- मासिक वृत्ति दी जाती है।


विशिष्ट शैक्षणिक संस्थायें

शिक्षा में गुणात्मक सुधार तथा प्रतिभावान आदिवासी बच्चों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिये आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कन्या शिक्षा परिसर एवं गुरूकुल विद्यालय स्थापित किये गये हैं। इसमें चयन कक्षा 5वीं, 6वीं एवं 10वीं बोर्ड के बोर्ड के प्राप्तांको के आधार पर संभागीय स्तर पर किया जाता है, वर्तमान में राज्य में आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय-05, कन्या शिक्षा परिसर-03, एवं गुरूकुल विद्यालय-01 संचालित हैं। इसके अतिरिक्त भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रवर्तित 8 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय आदिवासी क्षेत्रों में वर्ष 2005-06 से संचालित हैं।


क्रीड़ा परिसर

आदिवासी विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा विकसित करने की दृष्टि से राज्य में 11 क्रीड़ा परिसर संचालित है। उक्त परिसर में चयन खेल विधाओं में प्रावीण्यता के आधार पर किया जाता है।


प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र

आदिवासी विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा विकसित करने की दृष्टि से राज्य में 11 क्रीड़ा परिसर संचालित है। उक्त परिसर में चयन खेल विधाओं में प्रावीण्यता के आधार पर किया जाता है।


अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के आर्थिक विकास के लिये प्रशिक्षण सह उत्पदन केन्द्रों में कम पढ़े लिखे युवाओं को एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण बढ़ईगिरी, टेलरिंग, कुम्हार, हाथकरघा, टाटपट्टी निर्माण, बांस उद्योग और चर्म शिल्प में दिया जाता है। प्रशिक्षण अवधि में प्रति प्रशिक्षणर्थी पुरूष को रूपये 250/- तथा महिला को रूपये 260/- प्रतिमाह शिष्यवृत्ति और प्रशिक्षण के औजार उपकरण अनुदान के रूप में दिये जाते हैं। वर्तमान में राज्य में प्रशिक्षण के औजार उपकरण अनुदान के रूप में दिये जाते हैं। वर्तमान में राज्य में प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र सारंगगढ़, जशपुर, रिया, दन्तेवाड़ा, कांकेर, नगरी, और नारायणपुर में संचालित है।


अनुसूचि‍त जाति‍/जनजाति‍के ऐसे बच्‍चे जि‍न्‍होंने पढ़ाई छोड़ दी है और रोजगार करने के इच्छुक हैं, उन्हें उनकी योग्यता एवं इच्छा अनुसार उक्त संस्था द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है।


राज्य शासन के आदेश दिनांक 4.3.03 द्वारा उक्त केन्द्रों का विलय छत्तीसगढ़ राज्य अन्त्यावसायी, सहकारी, वित्त एवं विकास निगम में किया गया है तथा इस निगम में छत्तीसगढ़ राज्य अन्त्यावसायी उद्यमी प्रशिक्षण प्रभाग निर्मित कर योजना का पुन: संचालन किया जा रहा है।


नागरिक अधिकार एवं संरक्षण प्रकोष्ठ

नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश के पुराने जिलों से विशेष न्यायालय संचालित है। सम्प्रेरित अपराध एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न के प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही के लिये विशेष थाने स्थापित किये गये हैं। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत पंजीकृत प्रकरणों के निराकरण हेतु प्रदेश के समस्त जिला एवं सत्र न्यायधीशों को निर्देशित किया जाता है।


एकलव्य

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय

संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत भारत सरकार,जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त अनुदान राशि से प्रदेश में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित है। अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्वक शिक्षा उपलब्ध कराकर सामान्य जाति के विद्यार्थियों के समकक्ष लाना, उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत कर परीक्षाओं में सफल करने के उद्देश्य से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय प्रारंभ किए गए है।

वर्तमान में 02 कन्या तथा 06 बालक एवं 17 संयुक्त इस प्रकार कुल 25 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय प्रदेश में विभिन्न जिलों में संचालित किए जा रहे है। इन विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक 60 सीटर प्रति कक्षा के मान से प्रत्येक विद्यालय में 420 बच्चों को प्रवेश देने का प्रावधान है। वर्तमान में कुल 5315 विद्यार्थी अध्ययनरत है। वर्तमान में छ0ग0 बोर्ड के पाठ्यक्रम अनुसार अध्यापन कराया जा रहा है। वर्ष 2017-18 से नवीन 09 विद्यालयों में कक्षा 6वीं से नव प्रवेशित विद्याार्थियों को सीबीएसई पाठ्यक्रम में अध्यापन कराये जाने की योजना है।

वर्तमान में 25 एकलव्य आवासीय विद्यालय संचालित है जिसका विवरण निम्नानुसार हैः-

420
क्र.संस्था का नामप्रारंभ वर्षस्वीकृत शीटभरे सीट
1एकलव्य आवासीय विद्यालय करपावण्ड, बस्तर2005-06420368
2एकलव्य आवासीय विद्यालय अंतागढ़, जिला-कांकेर2005-06420395
3एकलव्य आवासीय विद्यालय मैनपाठ, जिला- सरगुजा2005-06420329
4एकलव्य आवासीय विद्यालय शिवप्रसाद नगर, सूरजपुर, जिला-सूरजपुर2005-06420383
5एकलव्य आवासीय विद्यालय छोटे मुड़पार रायगढ़, जिला-रायगढ़2005-06420370
6एकलव्य आवासीय विद्यालय तरेगांव जंगल, जिला-कबीरधाम2005-06420362
7एकलव्य आवासीय विद्यालय सन्ना जिला-जशपुर2005-06408
8एकलव्य आवासीय विद्यालय कटेकल्याण, जिला-दंतेवाड़ा2005-06420362
9एकलव्य आवासीय विद्यालय पेण्ड्री, जिला-राजनांदगांव2011-12420391
10एकलव्य आवासीय विद्यालय खड़गवां, जिला-कोरिया2012-13360325
11एकलव्य आवासीय विद्यालय भैरमगढ़, जिला-बीजापुर2013-14300284
12एकलव्य आवासीय विद्यालय कटघोरा, जिला-कोरबा2013-14360320
13एकलव्य आवासीय विद्यालय बेसोली (भानपुरी) जिला-बस्तर 2015-16180179
14सहायक सांख्यिकी अधिकारी नारायणपुर, जिला-नारायणपुर 2016-17120108
15एकलव्य आवासीय विद्यालय मरवाही, जिला-बिलासपुर 2016-17120119
16एकलव्य आवासीय विद्यालय मर्दापाल, जिला-कोण्डागांव2016-1712093
17संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय डोंगरी, जिला-गरियाबंद2017-186060
18संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय पथरीडीह, जिला-धमतरी2017-186060
19संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय भिलवाडीह, जिला-बलरामपुर2017-186060
20संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय सुकमा, जिला-सुकमा2017-186055
21संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय झरनदल्ली, जिला-बालोद2017-186060
22संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय सोनाखान, जिला-बलौदाबाजार2017-186060
23संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी महासमुन्द, जिला-महासमुंद2017-186060
24संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय मुंगेली, जिला-मुंगेली2017-186060
25संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय जांजगीर-चांपा, जिला-जांजगीर2017-186044


प्राधिकरण

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग अंतर्गत बस्तर विकास प्राधिकरण, सरगुजा विकास प्राधिकरण तथा अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के तहत निर्माण एवं अन्य कार्यो के लिए राज्य शासन द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जाती है।

विभागीय योजनाओ की जानकारी
(वर्ष 2017-18 की स्थिति में दिनाँक 31/10/2017)

क्रमांक प्राधिकरण का नाममद प्रावधान स्वीकृत कार्य संख्या कुल स्वी0 राशिजारी राशि
1बस्तर विकास प्राधिकरण पूंजीगत 2475.003681599.79639.92
राजस्व1025.0073276.72153.89
स्थापना अनुदान50.00150.0020.35
योग3550.004421926.51814.16
2सरगुजा विकास प्राधिकरण पूंजीगत 2935.004012027.40810.96
राजस्व565.0077387.28200.50
स्थापना अनुदान50.00150.0020.80830
योग3550.004792464.681032.26830
3अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण पूंजीगत 3000.005652478.561567.29
राजस्व500.001217.0386.81
स्थापना अनुदान50.00150.0021.31
योग3550.005672745.591675.41