विभागीय योजनाऐं

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के कल्याण हेतु आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण विकास विभाग से विभिन्न कल्याणकारी विकासशील कार्यक्रम संचालित किये जाते हैं। विभागीय कार्यक्रमों में शैक्षणिक योजनाऐं प्रमुख है। विभाग द्वारा अनुसूचित जनजाति उपयोजना क्षेत्र/अनुसूचित क्षेत्रों में शालाओं के संचालन के साथ विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्तियों का वितरण, आवासीय संस्थाओं का संचालन के साथ विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्तियों का वितरण, आवासीय संस्थाओं का संचालन एवं शैक्षणिक प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है। विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के परिवारों के लिये आर्थिक सहायता एवं सामाजिक विकास की योजनाऐं भी संचालित की जा रही हैं।


  • पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति
  • पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति

    प्रदेश में अनुसूचित जाति/जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के दौरान आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना शासन द्वारा संचालित की जा रही है। छात्रवृत्ति का समय पर स्वीकृति एवं भुगतान सुनिश्चित करने एवं इसके माॅनीटरिंग करने में विभाग को अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था, इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों एवं पालकों को समय पर एवं सही छात्रवृत्ति न मिलने की शिकायतें आती रहती थी। उपरोक्त समस्याओं के निराकरण हेतु वर्ष 2012-13 से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पूरी प्रक्रिया का कम्प्यूटराइजेशन किया जाकर आनलाईन आवेदन एवं स्वीकृति की व्यवस्था के माध्यम से छात्रवृत्ति योजना को पारदर्शी बनाया गया है। इस हेतु विभागीय वेबसाइट ;ूूूण्उचेबण्उचण्दपबण्पदद्ध तैयार किया गया है जिसमें विद्यार्थियों द्वारा आनलाइन आवेदन करके बायोडाटा की प्रविष्टि एक बार करने के पश्चात् उसे पूरे अध्ययनकाल मे छात्रवृत्ति प्राप्त होती रहेगी और प्रतिवर्ष नये आवेदन प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को ‘शिक्षा संगी कार्ड‘ आबंटित किए गए थे। उक्त कार्ड में छात्रवृत्ति की राशि जमा होने की सूचना विद्यार्थियों को मोबाईल पर ैडै से दी जाती थी। उक्त कार्ड का वितरण शिक्षा-सत्र 2012-13 से 2014-15 तक किया गया था। उक्त कार्ड की आधार नंबर से सीडिंग संभव नहीं होने के कारण पर वर्ष 2015-16 से सभी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति उनके बैंक एकाउंट में ही स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2013-14 में लगभग 4.21 लाख विद्यार्थियों को लगभग राशि रू. 182.18 करोड़ की छात्रवृत्ति का वितरण किया गया है। वर्ष 2014-15 में 4.73 लाख विद्यार्थियों को लगभग 199.90 करोड़ की छात्रवृत्ति का वितरण किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 10.03.2015 के द्वारा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अंतर्गत वर्ष 2015-16 से कक्षा 11वीं एवं 12वीं की छात्रवृत्ति का संचालन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाना है। कक्षा 12वीं से उच्चतर कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों हेतु छात्रवृत्ति संचालन का कार्य पूर्व की भांति विभाग द्वारा किया जा रहा है। व विगत तीन वर्षों के छात्रवृत्ति स्वीकृति एवं भुगतान का विवरण निम्नानुसार है:-

    SC Post Matric scholarship
    ST Post Matric scholarshipOBC Post Matric scholarship
    yearstudent
    amount(In Lakh's)
    student amount(In Lakh's)student amount(In Lakh's)
    2013-14804764525.00 124419
    5644.00
    216814 8049.00
    2014-15889654933.79 1365426215.79247861
    -
    8820.48
    2015-16871445038.641277296203.10246443
    -
    9283.00
  • मेट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति
  • योजना क्रमाँक-2 मेट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति

    मेट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग के पात्र छात्र/छात्राओं को कक्षा 11 से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम तक जिसमें मेडिकल तथा इंजीनियरिंग शिक्षा भी शामिल हैं, में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रदान की जाती है। यह छात्रवृत्ति भारत सरकार के अनुदान एवं राज्य सरकार की निधि से प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की जाती है।

    इस योजना में आय का बंधन है। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के पालक/अभिभावक की आय सीमा 2,50,000 से अधिक नहीं होना चाहिये। पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के पालक/ अभिभावक की वार्षिक आय 100000 रू. तक होने पर छात्रवृत्ति की पात्रता है।

    ★ छात्रवृत्ति की दरें

    ★ पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना 2007-08

  • अस्‍वच्‍छ धंधा छात्रवृत्ति
  • योजना क्रमाँक-3 अस्‍वच्‍छ धंधा छात्रवृत्ति

    अस्वच्छ धंधों में लगे हुए परिवारों के बच्चों के लिये केन्द्र प्रवर्तित योजना अन्तर्गत विशेष छात्रवृत्ति अतिरिक्त रूप से देय होते हैं। कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को भारत सरकार द्वारा स्वीकृत निम्न दर अनुसार देय होती है:-


    कक्षाछात्रावासी विद्यार्थी (प्रतिमाह)गैर छात्रावासी विद्यार्थी (प्रतिमाह)
    1  से 2- रू. 110 ( 10 माह हेतु 1100 रु. )
    3  से 10रू. 700 ( 10 माह हेतु 7000 रु. ) रू.  110 ( 10 माह हेतु 1100 रु. )

    इसके अति‍रि‍क्त दिवा छात्रों/ छात्रावासी छात्रों को क्रमश: रुपये 750 तथा रुपये 1000 वार्षिक तदर्थ अनुदान दिया जाता ह। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2008 -09 में 18509 छात्र / छात्राओं के लिए राशि रूपये 202.74 लाख व्यय किये गए हैं।

  • छात्रावास एवं आश्रम अंतर्गत संचालित योजनाएं
  • योजना क्रमाँक-4 छात्रावास एवं आश्रम अंतर्गत संचालित योजनाएं

    1. छात्रावास एवं आश्रम:- अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को अध्ययन के दौरान निःशुल्क आवासीय तथा मेस सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टि से राज्य में 3273 छात्रावास एवं आश्रम संचालित हैं। जहां 191983 से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभांवित किया जा रहा हैं। वर्ष 2017-18 से छात्रावास/आश्रमों में निवासरत् छात्र-छात्राओं को देय शिष्यवृत्ति की राशि में वृद्धि करते हुए प्रति माह प्रति छात्र रूपये 850/- से बढ़ाकर रूपये 900/- आॅन लाईन के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा हैं।


    2. छात्र भोजन सहाय योजना:- छात्रावासी विद्यार्थियों के बढ़ते उम्र के अनुरूप संतुलित शारीरिक व मानसिक विकास हेतु अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए विशेष पोषण आहार के लिए अतिरिक्त राशि प्रदाय करने के लिये छात्र भोजन सहाय योजना वर्ष 2005-06 से प्रारंभ की गई हैं। इसके अन्तर्गत वर्ष 2015-16 में योजना की राशि में वृद्धि करते हुए प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह रूपये 400/- के स्थान पर 500/- रूपये उपलब्ध कराया जा रहा हैं।

    3. छात्रावासी विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षण केन्द्र (कोचिंग) योजना:- दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में विज्ञान एवं गणित जैसे विषयों के शिक्षको का आभाव बना रहता है। जिसके कारण छात्रावास आश्रमों में निवासरत विद्यार्थी इन विषयों में कमजोर रह जाते है। इस योजना के द्वारा निदानात्मक एवं उपचारात्मक विशेष शिक्षण के माध्यम से गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, वाणिज्य विषयो से संबंधित कमजोरी को दूर करने की सुविधा प्रदान की जाति है। जिससे छात्र-छात्राआंे के परीक्षा परीणाम मे गुणात्मक सुधार के साथ वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने योग्य बन सकें।


    4. स्वस्थ-तन स्वस्थ-मन (स्वास्थय सुरक्षा योजना):- इस योजना अन्तर्गत विभागीय छात्रावास एवं आश्रमों में निवासरत् छात्र/छात्राओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हेतु यह योजना वर्ष 2007-08 से लागु हैं। इसके अन्तर्गत अनुबंधित निजी चिक्तिसकों द्वारा माह में दो बार विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता हैं।

  • विद्यार्थी कल्याण योजना
  • योजना क्रमाँक-5 विद्यार्थी कल्याण योजना

    इस योजना में गरीब अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को आकस्मिक चिकित्सा, गणवेश एवं उनकी विभिन्न रूचियों को प्रोत्साहन देने के लिये तथा व्यवसायिक संस्थाओं में प्रवेश के लिये रू.50 से लेकर रू.500 तक की सहायता दी जाती है।


  • अशासकीय संस्थाओं को अनुदान
  • योजना क्रमाँक-6 अशासकीय संस्थाओं को अनुदान

    संपूर्ण छत्तीसगढ़ के 16 जिलों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विकास के लिये कार्यरत अशासकीय संस्थाओं(पंजीकृत) को योजनांतर्गत अनुदान सहायता दिया जाता है। छात्रावास,औषधालय,बालवाड़ी,स्वास्थ्य केन्द्र,उचित मूल्य दुकान,अस्पृश्यता निवारण केन्द्र के लिए अनुदान प्रावधान है। वर्ष 2016-17 में इस योजनांतर्गत राशि 1445.96 लाख का आवंटन जारी किया गया है।


    अनुदान प्राप्त अशासकीय संस्थाओं द्वारा संचालित 33 संस्थाओं का विवरण

    1छात्रावास 35
    2उचित मूल्य की दुकान07
    3स्वास्थ्य केन्द्र 03
    4आरोग्य सेवा केन्द्र06
    5अस्पृश्यता निवारण केन्द्र 03
    6बालवाड़ी 27
    7औषधालय10
    योग 91

    अशासकीय संस्थाओं द्वारा संचालित प्रवृत्तियां जिलावार एवं संस्थावार वर्ष 2017-18

    समिति का नाम जिला संचालित प्रवृत्तियों की संख्या
    छात्रावास बालवाड़ी औषधालय अन्य
    सनातन संत समाज गहिरा सामरवार जशपुरबलरामपुर2---
    बलरामपुर2---
    रायगढ़ 5---
    जशपुर5---
    म0प्र0 वनवासी सेवा मंडल मंडलासरगुजा111-
    बलरामपुर222-
    सूरजपुर 2---
    कोरिया 111-
    बिलासपुर 2---
    जशपुर 331-
    कबीरधाम 1---
    सर्वोदय समितिसूरजपुर-22-
    दीनदयाल वनवासी सेवा समिति मुगेली बिलासपुरकबीरधाम1---
    मुंगेली 1---
    आर्य विद्यासभा सलखियारायगढ़1---
    अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रमजशपुर5-1 धर्मार्थ-
    रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर नारायणपुर--1 6 उचित मूल्य दुकान
    रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था विवेकानंद इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एण्ड सर्विस(विश्वास) नारायणपुर--- 03 स्वास्थ्य केन्द्र 01 उचित मूल्य दुकान
    माता रूक्मिणी सेवा संस्थान डिमरापालबस्तर 111-
    नारायणपुर -1-01 आरोग्य केन्द्र
    कांकेर -1-01 आरोग्य केन्द्र
    दंतेवाड़ा -1-01 आरोग्य केन्द्र
    सुकमा -1-01 आरोग्य केन्द्र
    बीजापुर -1-01 आरोग्य केन्द्र
    रामकृष्ण शारदा सेवा आश्रम धरमपुराबस्तर--1-
    महात्मा गांधी महिला एवं बाल कल्याण संस्थानबस्तर-10--
    हरिजन सेवक संघ रायपुररायपुर 41-01 अ.नि. केन्द्र
    रायगढ़ ---02 अ.नि. केन्द्र
    बिलासपुर 11--
    मुंगेली 1---

    महायोग

    35

    27

    10

    19

  • परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र
  • योजना क्रमाँक-7 परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र

    विभाग के तत्वधान में भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक चयन हेतु प्रशिक्षित करने के लिये प्रदेश स्तर पर अखिल भारतीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र रायपुर में संचालित है। इस केंद्र में छात्रावास के सुविधा के साथ पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। राज्य स्तरीय सिविल सेवाओं में अनुसूचित जाति तथा जनजाति के बालक एवं बालिकाओं को चयन के लिये तैयार करने, रायपुर, जगदलपुर एवं बिलासपुर में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र चलाये जा रहे हैं। प्रशिक्षण अवधि में प्रति प्रशिक्ष्णार्थी को 350/- मासिक वृत्ति दी जाती है।


  • विशिष्ट शैक्षणिक संस्थायें
  • योजना क्रमाँक-10 विशिष्ट शैक्षणिक संस्थायें

    शिक्षा में गुणात्मक सुधार तथा प्रतिभावान आदिवासी बच्चों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिये आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कन्या शिक्षा परिसर एवं गुरूकुल विद्यालय स्थापित किये गये हैं। इसमें चयन कक्षा 5वीं, 6वीं एवं 10वीं बोर्ड के बोर्ड के प्राप्तांको के आधार पर संभागीय स्तर पर किया जाता है, वर्तमान में राज्य में आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय-05, कन्या शिक्षा परिसर-03, एवं गुरूकुल विद्यालय-01 संचालित हैं। इसके अतिरिक्त भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रवर्तित 8 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय आदिवासी क्षेत्रों में वर्ष 2005-06 से संचालित हैं।


  • क्रीड़ा परिसर
  • योजना क्रमाँक-11 क्रीड़ा परिसर

    आदिवासी विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा विकसित करने की दृष्टि से राज्य में 11 क्रीड़ा परिसर संचालित है। उक्त परिसर में चयन खेल विधाओं में प्रावीण्यता के आधार पर किया जाता है।


  • प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र
  • योजना क्रमाँक-12 प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र

    अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के आर्थिक विकास के लिये प्रशिक्षण सह उत्पदन केन्द्रों में कम पढ़े लिखे युवाओं को एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण बढ़ईगिरी, टेलरिंग, कुम्हार, हाथकरघा, टाटपट्टी निर्माण, बांस उद्योग और चर्म शिल्प में दिया जाता है। प्रशिक्षण अवधि में प्रति प्रशिक्षणर्थी पुरूष को रूपये 250/- तथा महिला को रूपये 260/- प्रतिमाह शिष्यवृत्ति और प्रशिक्षण के औजार उपकरण अनुदान के रूप में दिये जाते हैं। वर्तमान में राज्य में प्रशिक्षण के औजार उपकरण अनुदान के रूप में दिये जाते हैं। वर्तमान में राज्य में प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र सारंगगढ़, जशपुर, रिया, दन्तेवाड़ा, कांकेर, नगरी, और नारायणपुर में संचालित है।


    अनुसूचि‍त जाति‍/जनजाति‍के ऐसे बच्‍चे जि‍न्‍होंने पढ़ाई छोड़ दी है और रोजगार करने के इच्छुक हैं, उन्हें उनकी योग्यता एवं इच्छा अनुसार उक्त संस्था द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है।


    राज्य शासन के आदेश दिनांक 4.3.03 द्वारा उक्त केन्द्रों का विलय छत्तीसगढ़ राज्य अन्त्यावसायी, सहकारी, वित्त एवं विकास निगम में किया गया है तथा इस निगम में छत्तीसगढ़ राज्य अन्त्यावसायी उद्यमी प्रशिक्षण प्रभाग निर्मित कर योजना का पुन: संचालन किया जा रहा है।


  • नागरिक अधिकार एवं संरक्षण प्रकोष्ठ
  • योजना क्रमाँक-14 नागरिक अधिकार एवं संरक्षण प्रकोष्ठ

    नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश के पुराने जिलों से विशेष न्यायालय संचालित है। सम्प्रेरित अपराध एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न के प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही के लिये विशेष थाने स्थापित किये गये हैं। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत पंजीकृत प्रकरणों के निराकरण हेतु प्रदेश के समस्त जिला एवं सत्र न्यायधीशों को निर्देशित किया जाता है।


  • एकलव्य
  • एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय

    संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत भारत सरकार,जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त अनुदान राशि से प्रदेश में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित है। अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्वक शिक्षा उपलब्ध कराकर सामान्य जाति के विद्यार्थियों के समकक्ष लाना, उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत कर परीक्षाओं में सफल करने के उद्देश्य से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय प्रारंभ किए गए है।

    वर्तमान में 02 कन्या तथा 06 बालक एवं 17 संयुक्त इस प्रकार कुल 25 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय प्रदेश में विभिन्न जिलों में संचालित किए जा रहे है। इन विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक 60 सीटर प्रति कक्षा के मान से प्रत्येक विद्यालय में 420 बच्चों को प्रवेश देने का प्रावधान है। वर्तमान में कुल 5315 विद्यार्थी अध्ययनरत है। वर्तमान में छ0ग0 बोर्ड के पाठ्यक्रम अनुसार अध्यापन कराया जा रहा है। वर्ष 2017-18 से नवीन 09 विद्यालयों में कक्षा 6वीं से नव प्रवेशित विद्याार्थियों को सीबीएसई पाठ्यक्रम में अध्यापन कराये जाने की योजना है।

    वर्तमान में 25 एकलव्य आवासीय विद्यालय संचालित है जिसका विवरण निम्नानुसार हैः-

    420
    क्र.संस्था का नामप्रारंभ वर्षस्वीकृत शीटभरे सीट
    1एकलव्य आवासीय विद्यालय करपावण्ड, बस्तर2005-06420368
    2एकलव्य आवासीय विद्यालय अंतागढ़, जिला-कांकेर2005-06420395
    3एकलव्य आवासीय विद्यालय मैनपाठ, जिला- सरगुजा2005-06420329
    4एकलव्य आवासीय विद्यालय शिवप्रसाद नगर, सूरजपुर, जिला-सूरजपुर2005-06420383
    5एकलव्य आवासीय विद्यालय छोटे मुड़पार रायगढ़, जिला-रायगढ़2005-06420370
    6एकलव्य आवासीय विद्यालय तरेगांव जंगल, जिला-कबीरधाम2005-06420362
    7एकलव्य आवासीय विद्यालय सन्ना जिला-जशपुर2005-06408
    8एकलव्य आवासीय विद्यालय कटेकल्याण, जिला-दंतेवाड़ा2005-06420362
    9एकलव्य आवासीय विद्यालय पेण्ड्री, जिला-राजनांदगांव2011-12420391
    10एकलव्य आवासीय विद्यालय खड़गवां, जिला-कोरिया2012-13360325
    11एकलव्य आवासीय विद्यालय भैरमगढ़, जिला-बीजापुर2013-14300284
    12एकलव्य आवासीय विद्यालय कटघोरा, जिला-कोरबा2013-14360320
    13एकलव्य आवासीय विद्यालय बेसोली (भानपुरी) जिला-बस्तर 2015-16180179
    14सहायक सांख्यिकी अधिकारी नारायणपुर, जिला-नारायणपुर 2016-17120108
    15एकलव्य आवासीय विद्यालय मरवाही, जिला-बिलासपुर 2016-17120119
    16एकलव्य आवासीय विद्यालय मर्दापाल, जिला-कोण्डागांव2016-1712093
    17संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय डोंगरी, जिला-गरियाबंद2017-186060
    18संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय पथरीडीह, जिला-धमतरी2017-186060
    19संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय भिलवाडीह, जिला-बलरामपुर2017-186060
    20संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय सुकमा, जिला-सुकमा2017-186055
    21संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय झरनदल्ली, जिला-बालोद2017-186060
    22संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय सोनाखान, जिला-बलौदाबाजार2017-186060
    23संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी महासमुन्द, जिला-महासमुंद2017-186060
    24संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय मुंगेली, जिला-मुंगेली2017-186060
    25संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय जांजगीर-चांपा, जिला-जांजगीर2017-186044


  • प्राधिकरण
  • योजना क्रमाँक-41/64 प्राधिकरण

    आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग अंतर्गत बस्तर विकास प्राधिकरण, सरगुजा विकास प्राधिकरण तथा अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के तहत निर्माण एवं अन्य कार्यो के लिए राज्य शासन द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जाती है।

    विभागीय योजनाओ की जानकारी
    (वर्ष 2017-18 की स्थिति में दिनाँक 31/10/2017)

    क्रमांक प्राधिकरण का नाममद प्रावधान स्वीकृत कार्य संख्या कुल स्वी0 राशिजारी राशि
    1बस्तर विकास प्राधिकरण पूंजीगत 2475.003681599.79639.92
    राजस्व1025.0073276.72153.89
    स्थापना अनुदान50.00150.0020.35
    योग3550.004421926.51814.16
    2सरगुजा विकास प्राधिकरण पूंजीगत 2935.004012027.40810.96
    राजस्व565.0077387.28200.50
    स्थापना अनुदान50.00150.0020.80830
    योग3550.004792464.681032.26830
    3अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण पूंजीगत 3000.005652478.561567.29
    राजस्व500.001217.0386.81
    स्थापना अनुदान50.00150.0021.31
    योग3550.005672745.591675.41