विभागीय योजनाऐं

एकलव्य, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति उत्कर्ष योजना, विज्ञान विकास केंद्र, प्रयास
क्र. विभागीय योजनाए नियमावली
1 एकलव्य नियमावली
2 आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति उत्कर्ष योजना नियमावली
3 विज्ञान विकास केंद्र नियमावली
4 प्रयास आस्था नियमावली
  निष्ठा नियमावली
  प्रयास नियमावली
  सहयोग नियमावली
डाॅ. भीमराव अंबेडकर जयंती योजना

वर्ष 2017-18 में योजनांतर्गत राशि रू0 25.00 लाख का बजट प्रावधान है। विभागीय स्तर पर 14 अप्रैल 2017 को जिला राजनादगांव में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

गुरू घासीदास सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान सम्मान पुरस्कार

छत्तीसगढ़ राज्य में सामाजिक चेतना जागृत करने तथा अनुसूचित जाति वर्गो के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले व्यक्ति एवं स्वैच्छिक संस्थाओं को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित करने के लिये प्रदेश के महान संत गुरूघासीदास की स्मृति में सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाता है। पुरस्कार राशि रू0 2.00 लाख एवं प्रशस्ति पत्र राज्योत्सव पर प्रत्येक वर्ष दिया जाता है।

वर्ष 2017-18 में संत भक्ति पंथी कल्याण समिति ग्राम हथनीकला पोस्ट धरमपुरा तहसील पथरिया जिला मुंगेली छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया गया है।

सम्मान/पुरस्कार वर्ष सम्मान पुरस्कार ग्रहिताओं के नाम
गुरू घासीदास सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान सम्मान पुरस्कार 2010
2011 संत श्री जीवनराखन दास घृतलहरे, ग्राम नवागांव(थुहा) जिला धमतरी
2012 डॉ0 आर एस बारले पिता श्री समरू लाल बारले, मरोदा स्टेशन भिलाई जिला दुर्ग छ0ग0
2013
2014 श्रीमती उषा बारले, सड़क नं0 — 07, ब्लाक नं0 27/ए से0—1 भिलाई दुर्ग
2015 श्रीमती शांति बाई चेलक, ग्राम पिरदा पो0 भिंभौरी व्हाया नंदिनी जिला दुर्ग छ0ग0
2016 शश्रीमती समे बाई शास्त्री पति श्री फुलचंद ग्राम कोहका पोस्ट नेवरा तहसील तिल्दा जिला रायपुर छ0ग0
2017 शसंत भक्ति पंथी कल्याण समिति ग्राम हथनीकला पोस्ट धरमपुरा तहसील पथरिया जिला मुंगेली छ0ग0
2018 आदर्श आचरण संहिता के कारण पुरस्कार/सम्मान नहीं प्रदाय की गई है
स्व. डाॅ. भंवर सिंह पोर्ते स्मृति आदिवासी सेवा सम्मान पुरस्कार

छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासियों की सेवा करने और उनके उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले किसी एक संस्था को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाता है। पुरस्कार राशि रू0 2.00 लाख एवं प्रशस्ति पत्र राज्योत्सव पर प्रत्येक वर्ष दिया जाता है।

वर्ष 2017-18 में बहुद्देशीय जनजागरण सेवा समिति 53-एफ सेक्टर रिसाली भिलाई जिला दुर्ग छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया गया है।

सम्मान/पुरस्कार वर्ष सम्मान पुरस्कार ग्रहिताओं के नाम
स्व0 डाॅ0 भंवर सिंह पोर्ते स्मृति आदिवासी सेवा सम्मान पुरस्कार 2010 अध्यक्ष वेदमती मंडावी, प्रगति गोंडवाना महिला समाज नेहरू नगर भिलाई जिला दुर्ग छ0ग0
2011 अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम जशपुर नगर जिला जशपुर
2012 रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर जिला नारायणपुर छ0ग0
2013
2014 पंचशील आश्रम कुटरू विकास खण्ड भैरमगढ़ जिला—बीजापुर
2015 संस्था संत सनातन समाज गहिरा ग्राम सामरवार, पो0 दुर्गापारा तह0 व थाना बगीचा जिला जशपुर छत्तीसगढ़
2016 पुरखा के सुरता जन कल्याण समिति ग्राम चारभाठा, पो0 सुरपा तहसील पाटन जिला दुर्ग छ0ग0
2017 बहुददेशीय जनजागरण सेवा समिति 53—एफ सेक्टर रिसाली भिलाई जिला दुर्ग छ0ग0
2018
शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान पुरस्कार

छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासी सामाजिक चेतना जागृत करने तथा उनके उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले व्यक्ति को पुरस्कृत किया जाता है। पुरस्कार राशि रू0 2.00 लाख एवं प्रशस्ति पत्र राज्योत्सव पर प्रत्येक वर्ष दिया जाता है।

सम्मान/पुरस्कार वर्ष सम्मान पुरस्कार ग्रहिताओं के नाम
शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति सम्मान पुरस्कार 2010 डॉ0 सुनील कालड़ा पिता स्व0 श्री एल0आर0कालड़ा एमबीबीएएस एम एस सी एच एवं डी.एन.बी. प्लास्टिक सर्जरी, कास्मेटिक सर्जरी, लेजर, बोसियलप्लेक्सस, माईक्रोवसकुलर, केनियोॅफिसियल, रिईप्लांट, रिकसट्रजक्टीव, कैंसर रिकसट्रजक्टीव सर्जरी तथा बर्न के स्पेशलिस्ट जिला रायपुर छ0ग0
2011 स्वीमी श्री रामानंद सरस्वती ग्राम सलखिया(राजपुर) आर्य विद्या समाज रायगढ़
2012 श्री अजीत अरविंद वरवंडकर एफ एस हाउस मारूति विहार महोबा बाजार जी ई रोड रायपुर छ0ग0
2013 आदर्श आचरण संहिता के कारण पुरस्कार/सम्मान नहीं प्रदाय की गई है
2014 गंगाराम पैकरा ग्राम पोड़ी जगरनाथपुर पोस्ट कुन्नी तहसील व थाना लखनपुर
2015 श्री जागेश्वर राम पिता श्री जगन्नाथो राम ग्राम व पोस्ट भितधरा तह व थाना बगीचा जिला जशपुर छ0ग0
2016 श्री सैन कुमार मण्डावी आत्मज श्री स्व0 अमर सिंह मण्डावी ग्राम भानपुरी पो0 देमार तहसील व जिला धमतरी छ0ग0
2017 श्री घनश्याम सिंह ठाकुर ग्राम तेन्दूभाठा पोस्ट केशतरा तहसील साजा जिला बेमेतरा छत्तीगसगढ़
2018 आदर्श आचरण संहिता के कारण पुरस्कार/सम्मान नहीं प्रदाय की गई है
गुरू घासीदास लोक कला महोत्सव

वित्तीय वर्ष 2007-08 से ‘‘गुरूघासीदास लोक कला महोत्सव’’ का आयोजन किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति के परम्परागत लोककला जैसे -पंथी, भरथरी, पंडवानी, पारम्परिक वाद्ययंत्रों को प्रोत्साहित किया जाना है।

  • इस योजना के अंतर्गत चयनित प्रथम पुरस्कार राशि रू0 1.00 लाख द्वितीय राशि रू0 0.75 लाख तथा तृतीय पुरस्कार राशि रू0 0.50 लाख पुरस्कार दिये जाते है। गुरूघासी दास लोक कला महोत्सव अंतर्गत जिला स्तर से चयनित लोक कला दलों को राज्य के किसी भी जिले में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजन कर पुरस्कृत किया जाता है।
  • वर्ष 2017-18 में योजनांतर्गत राशि रू0 30.00 लाख का बजट प्रावधान हैं। वर्ष 2017-18 में राज्य स्तरीय लोक कला महोत्सव का आयोजन जिला जांजगीर चांपा में किया जाना प्रस्तावित हैं।
शहीद वीरनारायण सिंह लोक कला महोत्सव

शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति में उनके शहादत दिवस 10 दिसम्बर को शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव का आयोजन प्रतिवर्ष उनके जन्म स्थान सोनाखान भवन जिला बलौदा बाजार में किया जाता है । इसके अंतर्गत आदिवासियों की लोक नृत्य प्रतियोगिता राज्य स्तर पर आयोजित की जाती है।

  • प्रतियोगिता में सम्मिलित आदिवासी लोक कला दल को प्रथम पुरस्कार राशि रू0 1.00 लाख ,द्वितीय पुरस्कार राशि रू0 0.50 लाख तथा तृतीय पुरस्कार राशि 0.25 लाख दिया जाता है।
  • उपर्युक्त महोत्सव का उद्देश्य शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत को चिरस्मरणीय बनाना तथा आदिवासी लोक कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करना है।
  • वर्ष 2017-18 में योजनांतर्गत राशि रू0 90.00 लाख का बजट प्रावधान हैं।
  • राज्य स्तरीय लोक कला महोत्सव का आयोजन जिला रायपुर में 10 एवं 11 दिसम्बर 2017 को किया सम्पन्न कराया गया है।
रविदास चर्मशिल्प योजना

प्रदेश के चर्म सिलाई के व्यवसाय में लगे लोगो को वित्तीय सहायता प्रदान करने की दृष्टि से वर्ष 2008-09 में रविदास चर्मशिल्प योजना प्रारंभ की गयी है। इसके तहत् अनुसूचित जाति के हितग्राहियों को मोची पेटी औजार सहित निःशुल्क प्रदान की जाती है। योजनांतर्गत योजना प्रारंभ से वित्तीय वर्ष 2017-18 तक कुल राशि रू0 243.00 लाख आबंटन जिलों को उपलब्ध कराया गया है। जिलों द्वारा निविदा आमंत्रित कर मोची पेटी औजार सहित क्रय कर लगभग 4850 हितगा्रहियों को वितरण किया जा चुका है।

आदिवासी संस्कृति का परिरक्षण एवं विकास योजनांतर्गत आदिवासी सांस्कृतिक दलों को सहायता

आदिवासी संस्कृति का परिरक्षण एवं विकास योजनांतर्गत आदिवासियों को सांस्कृतिक वाद्य यंत्र क्रय करने हेतु अनुदान स्वरूप प्रति दल राशि रू0 10,000/- दिये जाने का प्रावधान है। योजनांतर्गत विगत वर्षो से वर्ष 2017-18 तक आदिवासी संस्कृतिक दलों के सहायता वैयक्तिक अनुदान हेतु जिलों को निम्नानुसार राशि उपलब्ध कराया गया है:-

क्रमांक वर्ष देवगुड़ी की संख्या प्रदत्त राशि(लाखों में)
1 2010-11 500 50.00
2 2011-12 740 89.00
3 2012-13 735 73.50
4 2013-14 735 73.50
5 2014-15 730 73.00
6 2015-16 730 73.67
7 2016-17 730 73.00
8 2017-18 730 73.00
- Total 5630 578.67
आदिवासी संस्कृति का परिरक्षण एवं विकास योजनांतर्गत देवगुड़ी निर्माण/मरम्मत

आदिवासी सांस्कृति का परिरक्षण एवं विकास योजनांतर्गत आदिवासी बाहूल्य क्षेत्रों में आदिवासियों के पूजा एवं श्रद्धा स्थलों (देवगुड़ी) के निर्माण एवं मरम्मत योजना वर्ष 2006-07 से संचालित हैं। योजनांतर्गत देवगुड़ी निर्माण/ मरम्मत हेतु वर्ष 2017-18 से प्रति देवगुड़ी राशि रू0 1,00000/- रूपये उपलब्ध करायी जाती हैं। योजनांतर्गत विगत वर्षो से वर्ष 2017-18 तक देवगुड़ी निर्माण/मरम्मत हेतु निम्नानुसार आबंटन जिलों को उपलब्ध कराया जा चुका हैं:-

क्रमांक वर्ष देवगुड़ी की संख्या प्रदत्त राशि(लाखों में)
1 2012-13 732 366.00
2 2013-14 750 375.00
3 2014-15 600 300.00
4 2015-16 565 282.50
5 2016-17 600 210.00
6 2017-18 400 400.00
निःशुल्क वाहन चालक प्रशिक्षण योजना

योजनांतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कक्षा 8वीं उत्तीर्ण गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों को वाहन चालक का निःशुल्क प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार उपलब्ध कराने हेतु यह योजना वर्ष 2008-09 से प्रारंभ की गयी है। वर्ष 2017-18 में योजनांतर्गत अनुसूचित जाति मद में राशि रू0 10.00 लाख तथा अनुसूचित जनजाति मद में राशि रू0 10.00 लाख का बजट प्रावधान है। उपरोक्त बजट प्रावधान से अनुसूचित जाति वर्ग के 66 तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के 66 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिलाये जाने का लक्ष्य है। योजनांतर्गत अब तक लाभान्वित अभ्यर्थियों की संख्या निम्नानुसार हैं:-

क्रमांक वर्ष वर्गवार विद्यार्थियों की संख्या योग
- - अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति  
1 2009-10 110 158 268
2 2010-11 133 200 333
3 2011-12 133 300 433
4 2012-13 155 345 500
5 2013-14 33 33 66
6 2014-15 06 06 12
7 2015-16 33 33 66
8 2016-17 66 66 132
9 2017-18 66 66 132
  Total 735 1207 1942
हास्पिटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट प्रशिक्षण

राज्य शासन द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग की छात्र/छात्राओं को एयर होस्टेस, एविएशन, हाॅस्पिटालिटी तथा होटल मैनेजमेंट डिप्लोमा प्रशिक्षण योजना वर्ष 2006-07 से प्रारंभ की गयी है। वर्ष 2013-14 में योजना में संशोधन किया गया हैं, जिसके तहत् ‘‘हाॅस्पिटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट’’ में डिप्लोमा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। योजनांतर्गत वर्ष 2017-18 में अनुसूचित जाति मद में राशि रू0 53.00 लाख तथा अनुसूचित जनजाति मद में राशि रू0 53.00 लाख का बजट प्रावधान है। योजनांतर्गत वर्ष 2013-14 से वर्ष 2017-18 तक लाभान्वित प्रशिक्षणार्थियों की संख्या निम्नानुसार हैं:-

क्रमांक वर्ष वर्गवार विद्यार्थियों की संख्या योग
- - अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति  
1 2013-14 10 10 20
2 2014-15 43 17 60
3 2015-16 0 0 0
4 2016-17 49 50 99
5 2017-18 51 25 76
  Total 153 102 255

प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षार्थियों में से कुल 108 अभ्यर्थियों को जाब प्लेसमेंट दिया जा चुका है।

नर्सिंग पाठयक्रम में निःशुल्क अध्ययन सुविधा योजना

यह योजना वर्ष 2009-10 से प्रारंभ की गयी हैं । योजना अंतर्गत प्रतिवर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 155 एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 245 इस प्रकार कुल 400 विद्यार्थियों को नर्सिंग पाठ्यक्रम में निःशुल्क अध्ययन सुविधा दिये जाने का लक्ष्य हैं । वर्ष 2017-18 में योजनांतर्गत अनुसूचित जाति मद में राशि रू0 460.00 लाख तथा अनुसूचित जनजाति मद में राशि रू0 759.00 लाख का बजट प्रावधान है। योजनांतर्गत योजना प्रारंभ से अब तक लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या निम्नानुसार हैं:-

क्रमांक वर्ष वर्गवार विद्यार्थियों की संख्या योग
- - अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति  
1 2009-10 102 115 217
2 2010-11 155 244 399
3 2011-12 155 245 400
4 2012-13 155 245 400
5 2013-14 86 136 222
6 2014-15 128 214 342
7 2015-16 84 161 245
8 2016-17 88 122 210
  Total 953 1482 2435

जिलों से प्राप्त जानकारी अनुसार अनुसूचित जाति वर्ग के 199 तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के 292 इस प्रकार कुल 491 अभ्यर्थी शासकीय अथवा निजी स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत् है।:-

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति-विभागीय योजनाऐं

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के कल्याण हेतु आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण विकास विभाग से विभिन्न कल्याणकारी विकासशील कार्यक्रम संचालित किये जाते हैं। विभागीय कार्यक्रमों में शैक्षणिक योजनाऐं प्रमुख है। विभाग द्वारा अनुसूचित जनजाति उपयोजना क्षेत्र/अनुसूचित क्षेत्रों में शालाओं के संचालन के साथ विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्तियों का वितरण, आवासीय संस्थाओं का संचालन के साथ विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्तियों का वितरण, आवासीय संस्थाओं का संचालन एवं शैक्षणिक प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है। विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के परिवारों के लिये आर्थिक सहायता एवं सामाजिक विकास की योजनाऐं भी संचालित की जा रही हैं।

एकलव्य

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय

संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत भारत सरकार,जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त अनुदान राशि से प्रदेश में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित है। अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्वक शिक्षा उपलब्ध कराकर सामान्य जाति के विद्यार्थियों के समकक्ष लाना, उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत कर परीक्षाओं में सफल करने के उद्देश्य से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय प्रारंभ किए गए है।

वर्तमान में 02 कन्या तथा 06 बालक एवं 17 संयुक्त इस प्रकार कुल 25 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय प्रदेश में विभिन्न जिलों में संचालित किए जा रहे है। इन विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक 60 सीटर प्रति कक्षा के मान से प्रत्येक विद्यालय में 420 बच्चों को प्रवेश देने का प्रावधान है। वर्तमान में कुल 5315 विद्यार्थी अध्ययनरत है। वर्तमान में छ0ग0 बोर्ड के पाठ्यक्रम अनुसार अध्यापन कराया जा रहा है। वर्ष 2017-18 से नवीन 09 विद्यालयों में कक्षा 6वीं से नव प्रवेशित विद्याार्थियों को सीबीएसई पाठ्यक्रम में अध्यापन कराये जाने की योजना है।

वर्तमान में 25 एकलव्य आवासीय विद्यालय संचालित है जिसका विवरण निम्नानुसार हैः-

क्र. संस्था का नाम प्रारंभ वर्ष स्वीकृत शीट भरे सीट
1 एकलव्य आवासीय विद्यालय करपावण्ड, बस्तर 2005-06 420 368
2 एकलव्य आवासीय विद्यालय अंतागढ़, जिला-कांकेर 2005-06 420 395
3 एकलव्य आवासीय विद्यालय मैनपाठ, जिला- सरगुजा 2005-06 420 329
4 एकलव्य आवासीय विद्यालय शिवप्रसाद नगर, सूरजपुर, जिला-सूरजपुर 2005-06 420 383
5 एकलव्य आवासीय विद्यालय छोटे मुड़पार रायगढ़, जिला-रायगढ़ 2005-06 420 370
6 एकलव्य आवासीय विद्यालय तरेगांव जंगल, जिला-कबीरधाम 2005-06 420 362
7 एकलव्य आवासीय विद्यालय सन्ना जिला-जशपुर 2005-06   408
8 एकलव्य आवासीय विद्यालय कटेकल्याण, जिला-दंतेवाड़ा 2005-06 420 362
9 एकलव्य आवासीय विद्यालय पेण्ड्री, जिला-राजनांदगांव 2011-12 420 391
10 एकलव्य आवासीय विद्यालय खड़गवां, जिला-कोरिया 2012-13 360 325
11 एकलव्य आवासीय विद्यालय भैरमगढ़, जिला-बीजापुर 2013-14 300 284
12 एकलव्य आवासीय विद्यालय कटघोरा, जिला-कोरबा 2013-14 360 320
13 एकलव्य आवासीय विद्यालय बेसोली (भानपुरी) जिला-बस्तर 2015-16 180 179
14 सहायक सांख्यिकी अधिकारी नारायणपुर, जिला-नारायणपुर 2016-17 120 108
15 एकलव्य आवासीय विद्यालय मरवाही, जिला-बिलासपुर 2016-17 120 119
16 एकलव्य आवासीय विद्यालय मर्दापाल, जिला-कोण्डागांव 2016-17 120 93
17 संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय डोंगरी, जिला-गरियाबंद 2017-18 60 60
18 संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय पथरीडीह, जिला-धमतरी 2017-18 60 60
19 संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय भिलवाडीह, जिला-बलरामपुर 2017-18 60 60
20 संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय सुकमा, जिला-सुकमा 2017-18 60 55
21 संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय झरनदल्ली, जिला-बालोद 2017-18 60 60
22 संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय सोनाखान, जिला-बलौदाबाजार 2017-18 60 60
23 संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी महासमुन्द, जिला-महासमुंद 2017-18 60 60
24 संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय मुंगेली, जिला-मुंगेली 2017-18 60 60
25 संयुक्त एकलव्य आवासीय विद्यालय जांजगीर-चांपा, जिला-जांजगीर 2017-18 60 44
पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति

पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति

प्रदेश में अनुसूचित जाति/जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के दौरान आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना शासन द्वारा संचालित की जा रही है। छात्रवृत्ति का समय पर स्वीकृति एवं भुगतान सुनिश्चित करने एवं इसके माॅनीटरिंग करने में विभाग को अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था, इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों एवं पालकों को समय पर एवं सही छात्रवृत्ति न मिलने की शिकायतें आती रहती थी। उपरोक्त समस्याओं के निराकरण हेतु वर्ष 2012-13 से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पूरी प्रक्रिया का कम्प्यूटराइजेशन किया जाकर आनलाईन आवेदन एवं स्वीकृति की व्यवस्था के माध्यम से छात्रवृत्ति योजना को पारदर्शी बनाया गया है। इस हेतु विभागीय वेबसाइट ;ूूूण्उचेबण्उचण्दपबण्पदद्ध तैयार किया गया है जिसमें विद्यार्थियों द्वारा आनलाइन आवेदन करके बायोडाटा की प्रविष्टि एक बार करने के पश्चात् उसे पूरे अध्ययनकाल मे छात्रवृत्ति प्राप्त होती रहेगी और प्रतिवर्ष नये आवेदन प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को ‘शिक्षा संगी कार्ड‘ आबंटित किए गए थे। उक्त कार्ड में छात्रवृत्ति की राशि जमा होने की सूचना विद्यार्थियों को मोबाईल पर ैडै से दी जाती थी। उक्त कार्ड का वितरण शिक्षा-सत्र 2012-13 से 2014-15 तक किया गया था। उक्त कार्ड की आधार नंबर से सीडिंग संभव नहीं होने के कारण पर वर्ष 2015-16 से सभी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति उनके बैंक एकाउंट में ही स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2013-14 में लगभग 4.21 लाख विद्यार्थियों को लगभग राशि रू. 182.18 करोड़ की छात्रवृत्ति का वितरण किया गया है। वर्ष 2014-15 में 4.73 लाख विद्यार्थियों को लगभग 199.90 करोड़ की छात्रवृत्ति का वितरण किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 10.03.2015 के द्वारा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अंतर्गत वर्ष 2015-16 से कक्षा 11वीं एवं 12वीं की छात्रवृत्ति का संचालन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाना है। कक्षा 12वीं से उच्चतर कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों हेतु छात्रवृत्ति संचालन का कार्य पूर्व की भांति विभाग द्वारा किया जा रहा है। व विगत तीन वर्षों के छात्रवृत्ति स्वीकृति एवं भुगतान का विवरण निम्नानुसार है:-

  एससी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति एसटी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ओबीसी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति
साल छात्र राशि (लाखों में) छात्र राशि (लाखों में) छात्र राशि (लाखों में)
2013-14 80476 4525.00 124419 5644.00 216814 8049.00
2014-15 88965 4933.79 136542 6215.79 247861
-
8820.48
2015-16 87144 5038.64 127729 6203.10 246443
-
9283.00
मेट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति

योजना क्रमाँक-2 मेट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति

मेट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग के पात्र छात्र/छात्राओं को कक्षा 11 से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम तक जिसमें मेडिकल तथा इंजीनियरिंग शिक्षा भी शामिल हैं, में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रदान की जाती है। यह छात्रवृत्ति भारत सरकार के अनुदान एवं राज्य सरकार की निधि से प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की जाती है।

इस योजना में आय का बंधन है। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के पालक/अभिभावक की आय सीमा 2,50,000 से अधिक नहीं होना चाहिये। पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के पालक/ अभिभावक की वार्षिक आय 100000 रू. तक होने पर छात्रवृत्ति की पात्रता है।

अस्‍वच्‍छ धंधा छात्रवृत्ति

योजना क्रमाँक-3 अस्‍वच्‍छ धंधा छात्रवृत्ति

अस्वच्छ धंधों में लगे हुए परिवारों के बच्चों के लिये केन्द्र प्रवर्तित योजना अन्तर्गत विशेष छात्रवृत्ति अतिरिक्त रूप से देय होते हैं। कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को भारत सरकार द्वारा स्वीकृत निम्न दर अनुसार देय होती है:-

कक्षा छात्रावासी विद्यार्थी (प्रतिमाह) गैर छात्रावासी विद्यार्थी (प्रतिमाह)
1 से 2 - रू. 110 ( 10 माह हेतु 1100 रु. )
3 से 10 रू. 700 ( 10 माह हेतु 7000 रु. ) रू. 110 ( 10 माह हेतु 1100 रु. )

इसके अति‍रि‍क्त दिवा छात्रों/ छात्रावासी छात्रों को क्रमश: रुपये 750 तथा रुपये 1000 वार्षिक तदर्थ अनुदान दिया जाता ह। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2008 -09 में 18509 छात्र / छात्राओं के लिए राशि रूपये 202.74 लाख व्यय किये गए हैं।

छात्रावास एवं आश्रम अंतर्गत संचालित योजनाएं

योजना क्रमाँक-4 छात्रावास एवं आश्रम अंतर्गत संचालित योजनाएं

1. छात्रावास एवं आश्रम:- अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को अध्ययन के दौरान निःशुल्क आवासीय तथा मेस सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टि से राज्य में 3273 छात्रावास एवं आश्रम संचालित हैं। जहां 191983 से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभांवित किया जा रहा हैं। वर्ष 2017-18 से छात्रावास/आश्रमों में निवासरत् छात्र-छात्राओं को देय शिष्यवृत्ति की राशि में वृद्धि करते हुए प्रति माह प्रति छात्र रूपये 850/- से बढ़ाकर रूपये 900/- आॅन लाईन के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा हैं।

2. छात्र भोजन सहाय योजना:- छात्रावासी विद्यार्थियों के बढ़ते उम्र के अनुरूप संतुलित शारीरिक व मानसिक विकास हेतु अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए विशेष पोषण आहार के लिए अतिरिक्त राशि प्रदाय करने के लिये छात्र भोजन सहाय योजना वर्ष 2005-06 से प्रारंभ की गई हैं। इसके अन्तर्गत वर्ष 2015-16 में योजना की राशि में वृद्धि करते हुए प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह रूपये 400/- के स्थान पर 500/- रूपये उपलब्ध कराया जा रहा हैं।

3. छात्रावासी विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षण केन्द्र (कोचिंग) योजना:- दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में विज्ञान एवं गणित जैसे विषयों के शिक्षको का आभाव बना रहता है। जिसके कारण छात्रावास आश्रमों में निवासरत विद्यार्थी इन विषयों में कमजोर रह जाते है। इस योजना के द्वारा निदानात्मक एवं उपचारात्मक विशेष शिक्षण के माध्यम से गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, वाणिज्य विषयो से संबंधित कमजोरी को दूर करने की सुविधा प्रदान की जाति है। जिससे छात्र-छात्राआंे के परीक्षा परीणाम मे गुणात्मक सुधार के साथ वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने योग्य बन सकें।

4. स्वस्थ-तन स्वस्थ-मन (स्वास्थय सुरक्षा योजना):- इस योजना अन्तर्गत विभागीय छात्रावास एवं आश्रमों में निवासरत् छात्र/छात्राओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हेतु यह योजना वर्ष 2007-08 से लागु हैं। इसके अन्तर्गत अनुबंधित निजी चिक्तिसकों द्वारा माह में दो बार विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता हैं।

विद्यार्थी कल्याण योजना

योजना क्रमाँक-5 विद्यार्थी कल्याण योजना

इस योजना में गरीब अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को आकस्मिक चिकित्सा, गणवेश एवं उनकी विभिन्न रूचियों को प्रोत्साहन देने के लिये तथा व्यवसायिक संस्थाओं में प्रवेश के लिये रू.50 से लेकर रू.500 तक की सहायता दी जाती है।

अशासकीय संस्थाओं को अनुदान

योजना क्रमाँक-6 अशासकीय संस्थाओं को अनुदान

संपूर्ण छत्तीसगढ़ के 16 जिलों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विकास के लिये कार्यरत अशासकीय संस्थाओं(पंजीकृत) को योजनांतर्गत अनुदान सहायता दिया जाता है। छात्रावास,औषधालय,बालवाड़ी,स्वास्थ्य केन्द्र,उचित मूल्य दुकान,अस्पृश्यता निवारण केन्द्र के लिए अनुदान प्रावधान है। वर्ष 2016-17 में इस योजनांतर्गत राशि 1445.96 लाख का आवंटन जारी किया गया है।

अनुदान प्राप्त अशासकीय संस्थाओं द्वारा संचालित 33 संस्थाओं का विवरण

क्रमांक संस्था संख्या
1 छात्रावास 35
2 उचित मूल्य की दुकान 07
3 स्वास्थ्य केन्द्र 03
4 आरोग्य सेवा केन्द्र 06
5 अस्पृश्यता निवारण केन्द्र 03
6 बालवाड़ी 27
7 औषधालय 10
  योग 91

अशासकीय संस्थाओं द्वारा संचालित प्रवृत्तियां जिलावार एवं संस्थावार वर्ष 2017-18

समिति का नाम जिला संचालित प्रवृत्तियों की संख्या
    छात्रावास बालवाड़ी औषधालय अन्य
सनातन संत समाज गहिरा सामरवार जशपुर बलरामपुर 2 - - -
बलरामपुर 2 - - -
रायगढ़ 5 - - -
जशपुर 5 - - -
म.प्र.वनवासी सेवा मंडल मंडला सरगुजा 1 1 1 -
बलरामपुर 2 2 2 -
सूरजपुर 2 - - -
कोरिया 1 1 1 -
बिलासपुर 2 - - -
जशपुर 3 3 1 -
कबीरधाम 1 - - -
सर्वोदय समिति सूरजपुर - 2 2 -
दीनदयाल वनवासी सेवा समिति मुगेली बिलासपुर कबीरधाम 1 - - -
मुंगेली 1 - - -
आर्य विद्यासभा सलखिया रायगढ़ 1 - - -
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम जशपुर 5 - 1 धर्मार्थ -
रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर नारायणपुर - - 1 6 उचित मूल्य दुकान
रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था विवेकानंद इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एण्ड सर्विस(विश्वास) नारायणपुर - - - 03 स्वास्थ्य केन्द्र 01 उचित मूल्य दुकान
माता रूक्मिणी सेवा संस्थान डिमरापाल बस्तर 1 1 1 -
नारायणपुर - 1 - 01 आरोग्य केन्द्र
कांकेर - 1 - 01 आरोग्य केन्द्र
दंतेवाड़ा - 1 - 01 आरोग्य केन्द्र
सुकमा - 1 - 01 आरोग्य केन्द्र
बीजापुर - 1 - 01 आरोग्य केन्द्र
रामकृष्ण शारदा सेवा आश्रम धरमपुरा बस्तर - - 1 -
महात्मा गांधी महिला एवं बाल कल्याण संस्थान बस्तर - 10 - -
हरिजन सेवक संघ रायपुर रायपुर 4 1 - 01 अ.नि.केन्द्र
रायगढ़ - - - 02 अ.नि.केन्द्र
बिलासपुर 1 1 - -
मुंगेली 1 - - -
महायोग 35 27 10 19
परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र

योजना क्रमाँक-7 परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र

विभाग के तत्वधान में भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक चयन हेतु प्रशिक्षित करने के लिये प्रदेश स्तर पर अखिल भारतीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र रायपुर में संचालित है। इस केंद्र में छात्रावास के सुविधा के साथ पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। राज्य स्तरीय सिविल सेवाओं में अनुसूचित जाति तथा जनजाति के बालक एवं बालिकाओं को चयन के लिये तैयार करने, रायपुर, जगदलपुर एवं बिलासपुर में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र चलाये जा रहे हैं। प्रशिक्षण अवधि में प्रति प्रशिक्ष्णार्थी को 350/- मासिक वृत्ति दी जाती है।

प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना

योजना क्रमाँक-8 प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना

यह योजना अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को अधिकतम प्राविण्यता हासिल करने के लिये प्रोत्साहित करना है। यह छात्रवृत्ति माध्यमिक तथा हाई स्कूल स्तर पर दी जाती है। यह प्रावीण्य छात्रवृत्ति केवल उन विद्यार्थियों को ही नवीनीकृत होगी जिन्हें प्रथम प्रयास में ही परीक्षा उत्तीर्ण की है। इस छात्रवृत्ति के लिये कक्षा 5वीं तथा 8वीं की परीक्षा में कम से कम 45% अंक प्राप्त होने पर प्रावीण्यता क्रम के आधार पर दी जावेगी। यह छात्रवृत्ति लगातार उत्तीर्ण होने पर हाई स्कूल तक प्रदान की जाती है

विशिष्ट शैक्षणिक संस्थायें

योजना क्रमाँक-10 विशिष्ट शैक्षणिक संस्थायें

शिक्षा में गुणात्मक सुधार तथा प्रतिभावान आदिवासी बच्चों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिये आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कन्या शिक्षा परिसर एवं गुरूकुल विद्यालय स्थापित किये गये हैं। इसमें चयन कक्षा 5वीं, 6वीं एवं 10वीं बोर्ड के बोर्ड के प्राप्तांको के आधार पर संभागीय स्तर पर किया जाता है, वर्तमान में राज्य में आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय-05, कन्या शिक्षा परिसर-03, एवं गुरूकुल विद्यालय-01 संचालित हैं। इसके अतिरिक्त भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रवर्तित 8 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय आदिवासी क्षेत्रों में वर्ष 2005-06 से संचालित हैं।

क्रीड़ा परिसर

योजना क्रमाँक-11 क्रीड़ा परिसर

आदिवासी विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा विकसित करने की दृष्टि से राज्य में 11 क्रीड़ा परिसर संचालित है। उक्त परिसर में चयन खेल विधाओं में प्रावीण्यता के आधार पर किया जाता है।

प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र

योजना क्रमाँक-12 प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र

अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के आर्थिक विकास के लिये प्रशिक्षण सह उत्पदन केन्द्रों में कम पढ़े लिखे युवाओं को एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण बढ़ईगिरी, टेलरिंग, कुम्हार, हाथकरघा, टाटपट्टी निर्माण, बांस उद्योग और चर्म शिल्प में दिया जाता है। प्रशिक्षण अवधि में प्रति प्रशिक्षणर्थी पुरूष को रूपये 250/- तथा महिला को रूपये 260/- प्रतिमाह शिष्यवृत्ति और प्रशिक्षण के औजार उपकरण अनुदान के रूप में दिये जाते हैं। वर्तमान में राज्य में प्रशिक्षण के औजार उपकरण अनुदान के रूप में दिये जाते हैं। वर्तमान में राज्य में प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र सारंगगढ़, जशपुर, रिया, दन्तेवाड़ा, कांकेर, नगरी, और नारायणपुर में संचालित है।

अनुसूचि‍त जाति‍/जनजाति‍के ऐसे बच्‍चे जि‍न्‍होंने पढ़ाई छोड़ दी है और रोजगार करने के इच्छुक हैं, उन्हें उनकी योग्यता एवं इच्छा अनुसार उक्त संस्था द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है।

राज्य शासन के आदेश दिनांक 4.3.03 द्वारा उक्त केन्द्रों का विलय छत्तीसगढ़ राज्य अन्त्यावसायी, सहकारी, वित्त एवं विकास निगम में किया गया है तथा इस निगम में छत्तीसगढ़ राज्य अन्त्यावसायी उद्यमी प्रशिक्षण प्रभाग निर्मित कर योजना का पुन: संचालन किया जा रहा है।

नागरिक अधिकार एवं संरक्षण प्रकोष्ठ

योजना क्रमाँक-14 नागरिक अधिकार एवं संरक्षण प्रकोष्ठ

नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश के पुराने जिलों से विशेष न्यायालय संचालित है। सम्प्रेरित अपराध एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न के प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही के लिये विशेष थाने स्थापित किये गये हैं। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत पंजीकृत प्रकरणों के निराकरण हेतु प्रदेश के समस्त जिला एवं सत्र न्यायधीशों को निर्देशित किया जाता है।

प्राधिकरण

योजना क्रमाँक-41/64 प्राधिकरण

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग अंतर्गत बस्तर विकास प्राधिकरण, सरगुजा विकास प्राधिकरण तथा अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के तहत निर्माण एवं अन्य कार्यो के लिए राज्य शासन द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जाती है।

विभागीय योजनाओ की जानकारी
(वर्ष 2017-18 की स्थिति में दिनाँक 31/10/2017)

क्रमांक प्राधिकरण का नाम मद प्रावधान स्वीकृत कार्य संख्या कुल स्वी राशि जारी राशि
1 बस्तर विकास प्राधिकरण पूंजीगत 2475.00 368 1599.79 639.92
राजस्व 1025.00 73 276.72 153.89
स्थापना अनुदान 50.00 1 50.00 20.35
योग 3550.00 442 1926.51 814.16
2 सरगुजा विकास प्राधिकरण पूंजीगत 2935.00 401 2027.40 810.96
राजस्व 565.00 77 387.28 200.50
स्थापना अनुदान 50.00 1 50.00 20.80830
योग 3550.00 479 2464.68 1032.26830
3 अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण पूंजीगत 3000.00 565 2478.56 1567.29
राजस्व 500.00 1 217.03 86.81
स्थापना अनुदान 50.00 1 50.00 21.31
योग 3550.00 567 2745.59 1675.41

सूचना पट्ट